Saturday, 8 April 2017

Poetry


1.
*Humare baad nahi ayega tumhe chahat ka aisa maza..,*_

_*Tum logo se kehte firoge mujhe chahao us ki tarah...!!*_
✍HK


2.
*लोग कहते हैं कि दुआ क़ुबूल होने का भी वक़्त होता है....*_

_*हैरान हूँ मैं किस वक़्त मैंने तुझे नहीं माँगा....*_
✍HK


3.
*तुम्ही आकर थाम लो ना मुझे .!*

*सब ने छोड़ दिया है मुझे तेरा समझकर ..!!"*
✍HK


4.
*पता नहीं ‪कैसे‬ उसने ‪‎मुझे‬ ‪छोड़‬ दिया,*

 *?वो तो ‪‎कमीनी‬…‎किसी‬ के 5 रू. भी नहीं ‪‎छोड़ती‬ थी.*
✍HK


5.
*Zooth  kehte  hai    log  sharab  gam  halka  kar  deti  hai...*

*maine  dekha  hai  khud ko*

*kai  bar  nashe  me  rotte huye...!!!*
✍HK


6.
*अगर रेत में लिखा होता तो मिटा भी देते....!*

*तुमने तो दिल की दहलीज पर कदम रखा है...!*
✍HK


7.
*तारीफ नहीं करता खुद की मगर ये सच है,*
*कोई कसर नहीं छोडूंगा तेरा साथ निभाने में...*
✍HK


8.
 *नजारे 🌠तो बदलेंगे ही, ये तो👉🏻🌌 कुदरत है.... अफसोस 😌तो हमें, तेरे👉🏻💁🏻 बदलने का🤔 हुआ है...*
✍HK


9.
*इतने ‪ बेवफा_नही 😒 जो  तुम्हे 👩  भूल_जायेंगे,*
 *अक्सर ‪😌  चुप_रहनेवाले 😒‪ ‎ प्यार‬ 💑  बहुत_करते है।। 😘👩*
✍HK



10.
*हौसला तो तुझ में भी ना था मुझसे जुदा होने का,*

*वरना काजल तेरी आँखों का,*
*यूँ ही ना फैला होता.....!!*
✍HK



11.
*जरूर तुमको किसी ने दिल से पुकारा होगा एक बार तो चाँद ने भी तुमको निहारा होगा. मायूस हुवे होंगे सितारे भी उस दिन खुदा ने जब ज़मीन पर तुम्हे उतारा होगा*
✍HK



12.
गुलशन तो तू है मेरा
बहारों का मैं क्या करूँ......💕💕

नैनों मैं बस गए हो तुम
नज़ारों का मैं क्या करूँ .....

जहाने ख़ाक छानी थी तेरी तलाश में,

इश्क़ तो तू है मेरा हज़ारों का मैं क्या करूँ !!!
✍HK

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