Saturday, 1 April 2017

Love Poetry - readersdiet.blogspot.in

 ⁠⁠⁠औरो की तरह हम   नही लिखते है भर भर डायरियां
   बस याद  तुम्हारी आती है श्याम की और बन जाती है शायरियाँ

0 comments:

Post a Comment

 
;